उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री व भाजपा के दिग्गज नेताऑ में शुमार कल्याण सिंह का निधन शनिवार को हो गया. 89 वर्ष की अवस्था में कल्याण सिंह का निधन हुआ है. लखनऊ के PGI में लंबे समय से पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का इलाज चल रहा था. बता दें, कल्याण सिंह पूर्व में यूपी के मुख्यमंत्री के अलावा राजस्थान के राज्यपाल के पद पर भी अपनी सेवा दे चुके है. लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में उनका निधन हुआ. बताया जा रहा है, कि वो कई दिनों से इलाजरत थे. 17 जुलाई को सांस लेने में तकलीफ बढ़ने पर ऑक्सीजन सपोर्ट दिया गया. अगले दिन फेफड़ों को जरूरत के अनुसार ऑक्सीजन न मिलने पर 18 जुलाई को गले में नली (नॉन इनवेसिव वेंटिलेशन) डाली गई. ज्यादा दिक्कत बढ़ने पर 21 जुलाई को वेंटिलेटर सपोर्ट पर रखा गया था.
पीजीआई निदेशक डॉ. आरके धीमन बताते हैं कि कल्याण के उपचार में दिल, गुर्दा, डायबिटीज, न्यूरो, यूरो, गैस्ट्रो व क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग समेत 12 विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम लगातार निगरानी में लगी हुई थी. एसजीपीजीआई के डॉक्टरों के अनुसार पछिले शनिवार से 89 वर्षीय पूर्व सीएम व वरिष्ठ भाजपा नेता कल्याण सिंह की तबीयत चिंताजनक बनी हुई थी. जिसके बाद वह खुद से ऑक्सीजन नहीं ले पा रहे थे. इसकी वजह से उनके फेफड़ों खून में पर्याप्त ऑक्सीजन की आपूर्ति नहीं हो पा रही थी. फेफड़े, दिल, गुर्दा, लिवर पर दबाव बढ़ गया था. उनके उपचार में दिल, गुर्दा, डायबिटीज, न्यूरो, यूरो, गैस्ट्रो व क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग समेत 12 विशेषज्ञ डाक्टरों की टीम लगातार निगरानी में लगी हुई थी.
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सीएम योगी ने दी श्रद्धांजली
1991 में संभाली यूपी की बागडोर
कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी 1932 को हुआ। वर्ष 1967 में, वह पहली बार उत्तर प्रदेश विधानसभा सदस्य के लिए चुने गए और वर्ष 1980 तक सदस्य रहे। जून 1991 में, बीजेपी को विधानसभा चुनावों में जीत मिली और कल्याण सिंह पहली बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। यूपी में नकल अध्यादेश लागू हुआ। नकल अध्यादेश लाने के कल्याण सिंह के फैसले और मंत्री राजनाथ सिंह की शिक्षा जगत में काफी प्रशंसा की गई। उस दौर में नकल करते कई छात्र पकड़े गए। 10वीं में सिरिफ 14 फीसदी और 12वीं में 30 फीसदी बच्चे पास हुए। नकल करते पकड़े गए बच्चों को हथकड़ी बांधकर जेल भेजा गया।