Report : Nishant Dixit
New Delhi : ब्राज़ील के राष्ट्रपति जेयर बोलसोनारो ने भारत के द्वारा भेजी गई वैक्सीन से गदगद हो कर प्रधानमन्त्री नरेंद्र मोदी का शुक्रिया अदा करते हुए हनुमान जी की तस्वीर को ट्वीट कर संजीवनी वूटी का उदाहरण दे डाला।
उनके ट्वीट करने के बाद से ही भारतीय मीडिया ने पाकिस्तान को भारतीय वैक्सीन देने को को लेकर सवाल करना शुरू कर दिया, कि क्या भारत अपनी वैक्सीन पाकिस्तान को देगा ?
इसको देखते हुए भारत के विदेश मंत्रालय ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि अब तक भारत दक्षिण अफ्रीका , भूटान , नेपाल ,बांग्लादेश , म्यांमार और सेशल्स में टीकों की पहेली खेप भेज चुका है , मंत्रालय के प्रवक्ता अनुराग श्रीवास्तव के अनुसार अभी तक पड़ोसी मुल्क पाकिस्तान की ओर से किसी प्रकार की मांग सामने नहीं आयी है।
उन्होंने कहा कि शुक्रवार को ब्राजील और मोरक्को को वैक्सीन की पहेली खेप भेजी गई है। इससे पहले बुधवार को भारत ने सहायता के तौर पर कोविशील्ड टीके की डेढ़ लाख खुराकें भूटान को और एक लाख खुराकें मालदीव को भी भेजी थीं।
इसी कड़ी में भारत ने गुरुवार को कोविशील्ड टीके की 20 लाख खुराकें बांग्लादेश के साथ साथ 10 लाख खुराकें नेपाल को भी भेजीं थीं। भारत के इसी परमार्थ को देखते हुए पाकिस्तान को लेकर सवाल लाज़मी थे मंत्रालय के अनुसार पाकिस्तान की ओर से आधिकारिक तौर पर कोई वैक्सीन की मांग नहीं हुई है। सवाल उठता है की क्या पाकिस्तान में कोरोना का असर कम हो गया है ?
श्रीवास्तव ने ये भी कहा, ''घरेलू जरूरतों को भी ध्यान में रखते हुए भारत आगामी हफ्तों और महीनों में चरणबद्ध तरीके से अपने साझेदार देशों को कोविड-19 टीकों की सप्लाई करता रहेगा। दूसरे देशों को टीकों की आपूर्ति करते समय सुनिश्चित किया जाएगा कि घरेलू निर्माताओं के पास घरेलू जरूरतों को पूरा करने के लिये पर्याप्त स्टॉक मौजूद है।"
