Lucknow: योगी सरकार द्वारा जारी की गई नई शराब पॉलिसी को लेकर समाज के कई लोगों ने किया विरोध।
इस नई पॉलिसी में कई ऐसे नियम हैं जो कि शराब विक्रेताओं के साथ साथ शराब पीनों वालों के लिए असहज से हैं इस पॉलिसी में प्रदेश सरकार ने नई आबकारी नीति जारी कर दी हैं.
इसके तहत अगर आप घर में तय मात्रा से ज्यादा शराब रखना चाहते हैं तो आपको यूपी सरकार के आबकारी विभाग से लाइसेंस लेना पड़ेगा और आपको 12 हजार रुपये हर साल लाइसेंस के रूप में सरकार को देना होगा, यही नहीं सरकार को 51 हजार रुपये आबकारी विभाग को बतौर सिक्योरिटी भी देनी होगी । वैसे तो ये पॉलिसी जहरीली शराब के नियंत्रण हेतु बनाया गया है लेकिन फिर भी समाज के कई तबकों में घनघोर विरोध हो रहा है। ये विरोध सरकारी नीति का है या फिर शराब के नाम पर मोटा मुनाफा कमाने वाले लोगों को अपनी फसल कट जाने के डर से है। इस पॉलिसी के अंतर्गत
व्यापारी ज्यादा दाम नहीं वसूल सकेंगे
उपभोक्ताओं को अक्सर ज्यादा दाम वसूलने की शिकायत रहती है। इसपर रोकथाम के लिये दुकानों पर पीओएस मशीनें और प्रिंटर की व्यवस्था कराए जाने का भी इरादा है। इसके जरिये खरीदार को पर्ची पर सारा ब्योरा मिल सकेगा। क्या अब उत्तर प्रदेश जैसे राज्य में ये सरकारी नीति धरातल पर सुचारू रूप से चल पाएगी या फिर यूं ही जहरीली शराब के गोरखधंधे से लाखों लोगों की जान जाती रहेगी।
