French police on Friday shot dead a man who minutes earlier had killed a middle school teacher by slitting his throat in the street in a suburb of Paris. The teacher had shown pupils in his class cartoons of the Prophet Mohammad, according to a police source: Reuters
— ANI (@ANI) October 16, 2020
हमलावर ने नही किया सरेंडर
स्थानीय मीडिया से प्राप्त जानकारी के मुताबिक, फ्रांस की राजधानी पेरिस के एक विद्यालय के शिक्षक सैमुअल बच्चो को अभिव्यक्ति की आज़ादी के बारे में पढ़ा रहे थे और पढ़ते हुए उन्होंने पैगम्बर मोहम्मद के कार्टून को दिखाया था, जिससे हमलावर बहुत ज्यादा नाराज़ था। वह चाकू लेकर उस शिक्षक के पास पहुंचा और अल्लाह हु अकबर के नारे लगाते हुए उस शिक्षक का गला काट दिया। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस भी मौके ओर पहुँच गई, लेकिन हमलावर शख्स ने खुद को पुलिस के हवाले करने के बजाय उल्टे पुलिस को ही डराने की कोशिश की। इसके बाद जब पुलिस ने जवाबी करवाई की तो पुलिस की गोली लगने से उस शख्स की मौत हो गई।
हमलावर की उम्र 18 साल थी बस
पुलिस ने हमलवार की पहचान को उजागर नही किया है, लेकिन पुलिस ने ये जरूर बताया है कि वह 18 वर्ष का था और संदिग्ध इस्लामिक आतंकवादी था और मॉस्को में उसका जन्म हुआ था। पुलिस का ये भी मानना है कि आरोपी की बच्ची भी उसी विद्यालय में पढ़ती थी। ये घटना पेरिस से करीब 25 मिल दूर कॉनफ्लैंंस-सैंटे-ऑनोराइन में स्कूल के नजदीक शुक्रवार को शाम के करीब 5 बजे के आसपास हुई। फ्रांस की पुलिस ने 4 अपराधियों को गिरफ्तार कर हिरासत में लिया है, जिसमे से एक नाबालिग भी है।
राष्ट्रपति ने किया घटने की निंदा
फ्रांस के वर्तमान राष्ट्रपति इमैनुअल मेक्रोन ने इस घटना की निंदा की है और इसे इस्लामिक हमला करार दिया है। राष्ट्रपति ने वारदात के कुछ घंटों के बाद ही उस विद्यालय का दौरा किया और वहां के शिक्षकों से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि एक शिक्षक की केवल इसलिए हत्या कर दी गई क्योंकि उसने अभिव्यक्ति की आज़ादी की बात कही थी, हुम् इस घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते है। राष्ट्रपति ने आगे कहा कि हमे आपस मे विभाजित नही होना है क्योंकि चरमपंथी यही चाहते है।
