87 साल के व्यक्ति में ऐसी श्रद्धा,सादगी, दृढ़ संकल्प, समर्पण, कड़ी मेहनत,प्यार होना बहुत ही आश्चर्यजनक है। सभी को श्रद्धा का ऐसा भाव ऐसे महापुरुषों से सीखना चाहिए।
ये हैं केएन कृष्णा भट्ट जी,जो दशकों से विश्व प्रसिद्ध हम्पी विरासत कर्नाटक स्थल में कम प्रसिद्ध बैदविलांग मंदिर (विजयनगर) में पुजारी हैं।वो वर्ष में सिर्फ दो बार वेतन लेते है। वह रोज़ाना कर्नाटक के हम्पी में 9+ फीट लंबे "बदवी लिंग" (badavi linga) की सफाई और पूजा करते है।
उनके बारे में एक बड़ी बात यह है कि बहमनी सुल्तानों द्वारा 'विजयनगर' को नष्ट कर दिए जाने के बाद, 450 वर्षों तक जिस मंदिर में कभी पूजा नहीं की गई थी, उन्होंने 1980 के दशक में इस पूजा को फिर से शुरू किया।
देव मैं आप को नमन करता हूँ, महादेव आप को लंबी आयु व श्रेष्ठ स्वास्थ्य प्रदान करें और महादेव की कृपा हमेशा बनी रहे।
