मध्यप्रदेश : इंदौर के एक पुलिसकर्मी एक लड़के की मदद करने के लिए शिक्षक बन गए हैं | दरअसल वो लड़का बड़ा होकर पुलिसकर्मी बनना चाहता है |
इंदौर के पलासिया के स्टेशन हाउस ऑफिसर (TI) विनोद दीक्षित रोजाना काम के बाद राज को पढ़ाते हैं |
दीक्षित ने बताया मैं इस लड़के से एक दिन गश्त के दौरान मिला, उसने कहा कि वो पुलिस वाला बनना चाहते हैं लेकिन ट्यूशन नहीं ले सकता | इसलिए, मैंने उसे अंग्रेजी और गणित पढ़ाना शुरू कर दिया | हर दिन कई घंटे तक अपनी ड्यूटी करने के बाद एसएचओ विनोद दीक्षित खुद ही एक लड़के को गणित और अंग्रेजी पढ़ाते हैं, वो भी इसलिए जिससे कि लड़के का पुलिस में भर्ती होने का सपना पूरा हो सके।
दीक्षित ने कहा मैं एक दिन गश्त के दौरान इस लड़के से मिला उसने कहा कि वो एक पुलिसकर्मी बनना चाहता है, लेकिन ट्यूशन नहीं जा सकता है इसलिए मैंने उसे अंग्रेजी और गणित पढ़ाना शुरू किया | एसएचओ से ट्यूशन पढ़ रहे राज की मुलाकात पुलिसकर्मी से तब हुई जब वे कोरोनो वायरस लॉकडाउन के दौरान गश्त कर रहे थे, एसएचओ ने बताया कि लड़का मुखर और चालाक है, दीक्षित ने कहा लॉकडाउन के दौरान हम उसके पड़ोस में गश्त कर रहे थे, लड़के ने मुझसे कहा कि वो एक पुलिसकर्मी बनना चाहता है, मैंने उससे कहा कि उसे पढ़ाई करनी होगी जिसके बाद लड़के ने कहा कि अगर मैं उसे पढ़ाऊंगा तो वो पढ़ेगा | पिछले एक महीने से एसएचओ राज को पढ़ा रहे हैं, जो एक गरीब परिवार से ताल्लुक रखता है।
दीक्षित ने कहा ये लड़का बहुत गरीब पृष्ठभूमि का है और कोई ट्यूशन फीस नहीं दे सकता, उसके पिता एक टिफिन सेंटर चलाते हैं और उसके दादा सड़क किनारे दुकान लगाते हैं, अपने नए शिक्षक के बारे में बात करते हुए, राज ने कहा मैं बहुत खुश हूं कि मुझे मेरे अंकल जी पढ़ाते हैं, हर दिन मैं उनसे ट्यूशन लेता हूं, मैं हर दिन अपना होमवर्क करता हूं, मैं एक पुलिसकर्मी बनने की ख्वाहिश रखता हूं और इसीलिए मैं कड़ी मेहनत से पढ़ाई कर रहा हूं ||
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| Akshat tirwar संपादक उज्जैन मध्य प्रदेश |

