क्या है इस बार की थीम ?
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे वेबसाइट के मुताबिक इस बार #WorldPhotographyDay के 10 लाख टैग्स बनाने की योजना बनाई गई है. अब तक इस नाम से 6 लाख टैग्स इंस्टाग्राम पर बन चुके हैं. आयोजकों का कहना है कि इस हैशटैग का इस्तेमाल करते हुए अपनी बेहतरीन से बेहतरीन फोटो को इंस्टाग्राम पर शेयर करें. साथ ही इस हैशटैग से अन्य तस्वीरों को भी लाइक और शेयर करें. आपको बता दें कि यह कोरोना काल में मनाया जाने वाला दूसरा विश्व फोटोग्राफी दिवस है इसलिए इस बार की थीम है Pandemic lockdown by the lens यानी लैंस के माध्यम से महामारी का लॉकडाउन.
बहुत पुराना है इसका इतिहास
जानकारी के मुताबिक विश्व फोटोग्राफी दिवस की शुरुआत 2010 में हुई थी लेकिन इससे जुड़ा इतिहास बहुत पुराना है. फ्रांस के जोसेफ नाइसफोर और लुइस डॉगेर (Louis Daguerre and Joseph Nicephore Niepce) ने 9 जनवरी, 1839 को फोटोग्राफी की एक तकनीक डॉगोरोटाइप प्रक्रिया को विकसित किया था. इसे दुनिया की पहली फोटोग्राफी प्रक्रिया माना जाता है. 19 अगस्त, 1839 को फ्रांस की सरकार ने इस आविष्कार की घोषणा की थी और इसका पेटेंट भी प्राप्त किया था. इसी दिन की याद में ‘वर्ल्ड फोटोग्राफी डे’ यानी ‘विश्व फोटोग्राफी दिवस’ मनाया जाता है.
दुनिया की पहली सेल्फी का इतिहास
वहीं सेल्फी की बात करें अमेरिका के रॉबर्ट कॉर्नेलियस को फोटो से काफी प्यार था और वो ही दुनिया के पहली सेल्फी क्लिक करने वाले इंसान बने थे। रॉबर्ट ने साल 1839 में दुनिया की पहली सेल्फी ली थी। हालांकि उस खुद से अपनी तस्वीर लेने वाली फोटोग्राफी को सेल्फी का नाम नहीं मिला था। अब इसे सेल्फी कहा जाता है और अच्छी सेल्फी कैमरा वाला स्मार्टफोन लगभग सभी लोग खरीदना चाहते हैं।
फोटोग्राफी दिवस का उद्देश्य
वर्ल्ड फोटोग्राफी डे यानि विश्व फोटोग्राफी दिवस का मकसद दुनियाभर के लोगों ने फोटोग्राफी के प्रति जागरुकता पैदा करने, फोटोग्राफी में लोगों की रुचि को बढ़ाना, फोटोग्राफी के क्षेत्र में युवाओं को अपना करियर बनाने के लिए प्रोतसाहित करना है। विश्व फोटोग्राफी दिवस उन लोगों के नजर में फोटोग्राफी का महत्व बढ़ाएगा जो इसे कम महत्व देते हैं।
