Type Here to Get Search Results !

उन्नाव दुष्कर्म कांड में लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई करने से क्यों बच रही सरकार ?

योगी जी यह कैसी ज़ीरो टॉलरेंस नीति ?.
रानू मिश्रा की रिपोर्ट

एक बड़े अरसे बाद जब 2017 में उत्तर प्रदेश के अंदर भाजपा सरकार की वापसी हुई तब कई बड़े-बड़े दावे किये गए थे।
जिनमें सबसे बड़ा दावा ज़ीरो टॉलरेंस नीति को लेकर किया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा था कि हम यूपी के अंदर ज़ीरो टॉलरेंस नीति पर काम करेंगे।
उसी वर्ष 2017 में तत्कालीन भाजपा विधायक कुलदीप सिंह सेंगर पर एक युवती ने दुष्कर्म का आरोप लगाया था। जिसमें कई अधिकारियों की लापरवाही सामने आई थी। जिसको लेकर सरकार ने सीबीआई से जांच कराने की बात कही थी।

उसके कुछ दिन बाद ही सीबीआई ने केस अपने हांथ में लेकर अधिकारियों की लापरवाही को लेकर जांच शुरू कर दी थी। अभी कुछ समय पहले ही सीबीआई ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी। इस रिपोर्ट में सीबीआई ने चार अधिकारियों को लापरवाही का दोषी माना था। जिसमें तत्कालीन जिलाधिकारी रहीं अदिति सिंह, पुलिस अधीक्षक रहीं नेहा पांडेय व पुष्पांजलि देवी एवँ अपर पुलिस अधीक्षक रहे अष्टभुजा सिंह शामिल हैं। जबकि अष्टभुजा सिंह का कुछ ही दिन बाद प्रमोशन कर दिया गया था यानी उनको प्रांतीय पुलिस सेवा (पीपीएस) से इंडियन पुलिस सर्विस (आईपीएस) में पदोन्नति कर दी गई थी।
वहीं सरकार ने अदिति सिंह पर लगाए गए आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कार्रवाई करने से मना कर दिया था।

अब ऐसे में कई सवाल खड़े हो जाते हैं.....

जब सीबीआई ने इन सभी अधिकारियों को लापरवाही का दोषी माना है तो इन पर सरकार कार्रवाई करने से क्यों कतरा रही है ?.
जिस सीबीआई पर सरकार पुलिस से ज़्यादा भरोसा करती है तो उसकी सिफ़ारिश पर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई ?. 
क्या सरकार अब भी अधिकारियों को बचाना चाहतीं हैं ?. 
क्या सरकार को सीबीआई की जांच पर भरोसा नहीं है ?

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ जी क्या यही है ज़ीरो टॉलरेंस की नीति ?

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad