Airforce ने तैनात किए फाइटर पायलट
ऐसी रिपोर्ट है कि चीन ने उसके रणनीतिक रूप से अहम होतान एयरबेस पर लंबी दूरी के लड़ाकू विमान जे -20 और कुछ अन्य एसेट तैनात किए हैं। पिछले तीन महीने में, भारतीय वायुसेना ने अपने सभी प्रमुख लड़ाकू विमानों जैसे सुखोई -30 एमकेआइ , जगुआर और मिराज -2000 पूर्वी लद्दाख के प्रमुख सीमावर्ती एयरबेस औरएलएसी के पास अन्य स्थानों पर तैनात किए हैं। भारतीय वायुसेना ने चीन को परोक्ष तौर पर यह स्पष्ट संदेश देने के लिए पूर्वी लद्दाख क्षेत्र में रात के समय हवाई गश्त की कि वह पहाड़ी क्षेत्र में किसी भी स्थिति से निपटने के लिए तैयार है। वायुसेना ने पूर्वी लद्दाख में अपाचे लड़ाकू हेलीकॉप्टरों के साथ - साथ विभिन्न अग्रिम मोचों पर सैनिकों को पहुंचाने के लिए चिनक हैवी- लिफ्ट हेलीकॉप्टरों को भी तैनात किया है।
बता दें भारत - चीन के बीच 15 जून को गलबन घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद यह पहली बड़ी घटना है जिसमें भारतीय सेना के 20 जवान शहीद हो गए थे। इस झड़प में चीन के सैनिक भी हताहत हुए थे , लेकिन चीन ने सार्वजनिक तौर पर नहीं बताया कि उसके कितने सैनिक हताहत हुए थे। हालांकि अमेरिकी खुफिया रिपोर्ट के अनुसार , इसमें चीन के 35 सैनिक मारे गए थे। भारत और चीन ने पिछले झई महीनों में कई दौर की सैन्य और कूटनीतिक यातचीत की है , लेकिन पूर्वी लाख में सीमा गतिरोध के समाधान के लिए कोई अहम प्रगति नहीं हुई।
