दिल्ली पुलिस ने अपनी जांच में चौकाने वाला खुलासा किया है, जानकारी ये सामने आ रही है की हिन्दुओ की गाड़ियों की पहचान करने के लिए ई-वाहन ऐप का इस्तेमाल किया गया था। दंगाग्रस्त इलाको में बड़ी संख्या में गाड़ियों को जलाया गया जो कि सड़क पर खड़ी थी लेकिन केवल और केवल हिन्दुओ की गाड़ियों को ही जलाया जी ऐसी इनकी प्लानिंग थी।
पहले इ-वाहन ऎप से हिन्दुओ की गाड़ी की पहचान की गई उसके बाद चुन चुन कर हिन्दुओ की गाड़ियों को पहचाना गया और पहचान कर के जलाया गया और इस दंगे में आम आदमी पार्टी और कांग्रेस शामिल रहे जिनमे से अबतक का सबसे बड़ा नाम आम आदमी के पार्षद ताहिर हुसैन का है, इन्ही लोगो ने दंगो के लिए करोड़ों रुपये की फंडिंग की थी जिससे दंगा भड़क था।
