Type Here to Get Search Results !

जिस जगह पिता ने दम तोड़ा वहीं बेटे ने जहर खाकर की आत्महत्या

अक्षत तिरवार की रिपोर्ट 
सूदखोरों से परेशान हो कर फोटोग्राफर ने दी जान
उज्जैन।अभिषेक नगर में रहने वाला फोटोग्राफर सूदखोरों से प्रताडि़त होकर धरमबड़ला स्थित उस जगह पहुंचा जहां वर्षों पहले उसके पिता की दुर्घटना में मृत्यु हुई थी। यहीं पर उसने सल्फास खाया 
अभिषेक नगर में रहने वाले फोटोग्राफर ने बीजेपी नेताओं से परेशान होकर आत्महत्या कर ली।    फोटोग्राफर अपने दोस्तों को फोन लगाकर कहा कि उसने जहर खा लिया है। इलाज के दौरान फोटोग्राफर की मौत हो गई। पुलिस को उसकी एक्टिवा की डिक्की में से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें भाजपा नेताओं सहित कुछ लोगों द्वारा परेशान करने का जिक्र है।
चिंतामन पुलिस ने बताया कि अभिषेक नगर निवासी फोटोग्राफर निलेश शेल्के ने जहर खा लिया था। जहर खाने के बाद उसने अपने दोस्त गोपाल को फोन लगाकर इसकी जानकारी भी दी थी। जानकारी मिलने के बाद नीलेश का दोस्त गोपाल बड़नगर रोड स्थित धरमबलडा पर पहुंचा। जहां उसे निलेश बेहोशी की  हालत में पड़ा हुआ मिला। दोस्त उसे तुरंत इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे। लेकिन हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे रेफर कर दिया। परिजन उसे निजी अस्पताल में लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया।
निजी अस्पताल में इलाज के दौरान निलेश ने अपने दोस्तों को कहा कि उसकी एक्टिवा में एक सुसाइड नोट रखा है। एक्टिवा को मौत के बाद पुलिस को सौंप देना। निलेश के दम तोड़ने के बाद उसके दोस्त एक्टिवा लेकर चिंतामन थाने पहुंचे। जहां पुलिस को एक्टिवा में से एक सुसाइड नोट मिला है। जिसमें कुछ लोगों के नाम लिखे हैं। जिन से परेशान होकर उसने आत्महत्या की है। घटना के बाद चिंतामन थाना प्रभारी महेंद्र मकाश्रे मौके पर पहुंची और जांच शुरू की।
चिंतामन पुलिस ने बताया कि एक्टिवा की डिक्की में सुसाइड नोट मिला है। जिसमें रणदीप सिंह मक्कड़ और दिग्विजय सिंह के साथ ही अतुल और अन्य लोगों के नाम लिखे हुए हैं। जिनसे निलेश ने कुछ रुपए उधार लिए थे। 1 साल से लगातार वहां ब्याज चुका रहा है। मूलधन से अधिक ब्याज देने के बाद भी उस पर रुपए के लिए दबाव बनाया जा रहा था। सुसाइड नोट में जिक्र है कि रणदीप सिंह और अन्य ने उसे धमकाया भी था। गौरतलब है कि रणजीत सिंह भाजपा आईटी सेल और दिग्विजय सिंह दौलतगंज मंडल अध्यक्ष है।
पुलिस को जानकारी मिली है कि निलेश ने दिसंबर माह में नानाखेड़ा पर एक द स्टूडियो केफे के नाम से कामकाज शुरू किया था। इसके पूर्व निलेश के पिता का आर के स्टूडियो के नाम से फ्रीगंज में स्टूडियो था। लेकिन समय के साथ स्टूडियो बंद हो गया और निलेश ने फोटोग्राफी शुरू कर दी। पुलिस ने मामले को जांच में लिया है। 

Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad