उज्जैन -
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ज्यादा राशि देख बढ़ाया लोड, योजना से बाहर हो गए कई लोग, इनके बिलों में बकाया के साथ पैनल्टी भी जोड़ रहे
बिजली कंपनी द्वारा लोगों को मनमाने बिजली बिल जारी किए जाने के विरोध में कांग्रेस सड़क पर उतरी। बिलों की होली जलाई। बिजली बिलों को लेकर उठ रहे विरोध के चलते राज्य शासन ने भी बिजली बिलों को स्थगित करने के आदेश जारी कर दिए लेकिन अब भी कई ऐसे उपभोक्ता हैं, जिनकी बिल की राशि कम नहीं हुई है। बिजली कंपनी ने केवल बिलों को स्थगित किया है, बिल की राशि माफ नहीं हुई है।
बाद में यह राशि जमा भी करना पड़ सकती है क्योंकि स्थगित बिल की राशि को लेकर आगे कोई निर्णय नहीं हुआ है। बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जिले के एक किलो वॉट तक के सवा लाख उपभोक्ताओं के बिजली बिल स्थगित कर दिए हैं। इसके विपरीत बिजली कंपनी ने लोगों के बिजली कनेक्शन का लाेड बढ़ा दिया, इससे लोग योजना से ही बाहर हो गए। उन्हें ज्यादा राशि के बिल तो जारी हुए ही, बकाया राशि मय पैनल्टी के जोड़कर भी दे दी गई है।
एसई भूपेंद्र सिंह ने बताया बिजली बिलों को लेकर जो शिकायतें सामने आती है, उनका जोन स्तर पर निराकरण किए जाने की व्यवस्था है। योजना के तहत जिले के 1 किलो वॉट तक के सवा दो लाख उपभोक्ताओं के 145 करोड़ के बिल स्थगित कर दिए हैं।
ऐसे बढ़ा दिए लोड...अब बिल की राशि भी कम नहीं कर रहे, कई उपभोक्ता योजना से बाहर
दुबारी बाई पति कन्हैयालाल निवासी जवाहर नगर के घर के बिजली कनेक्शन का लोड 1 किलो वॉट था, जिसे बढ़ाकर 2 किलो वॉट कर दिया, इस वजह से योजना से बाहर हो गई। महिला को बकाया राशि सहित 31325 रुपए का बिल जारी कर दिया।
भरत पिता कैलाश गुप्ता, नानाखेड़ा पर रहते हैं। उनका बिजली कनेक्शन एक किलो वॉट का था, जिसे बढ़ाकर तीन किलो वॉट कर दिया गया। इस वजह से वे योजना से बाहर हो गए। उन्हें बकाया राशि सहित 35836 रुपए का बिल जारी किया गया।
रमेश पिता मोती सिंह निवासी झुग्गी बस्ती शक्करवासा के यहां 500 वॉट का कनेक्शन था। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने लोड बढ़ाते हुए तीन किलो वॉट कर दिया। उन्हें 7796 रुपए का बिल जारी किया। पार्ट पेमेंट करवा कर बिल जमा करवाना पड़ा।
बिजली कंपनी का दावा....145 करोड़ के बिल स्थगित किए
बिजली कंपनी के अधिकारियों का दावा है कि जिले के सवा दो लाख ऐसे उपभोक्ता, जो एक किलो वॉट तक की योजना के लिए पात्र थे, उनके 145 करोड़ के बिल स्थगित कर दिए हैं। दूसरी तरफ लोगों को लोड बढ़ाकर बिल जारी किए गए हैं। बकाया राशि भी मय पैनल्टी के लिए साथ जोड़ी गई है।
बिल व मीटर में कोई खराबी नहीं तो जमा करना पड़ सकती राशि
बिजली कंपनी के अधिकारियों का कहना है आगे से जो भी निर्देश मिलेंगे, उसके अनुसार निर्णय लेंगे। सूत्रों का कहना बिलों और मीटर की जांच होगी। खपत के अनुसार ही बिल पाया जाता है और मीटर में कोई खराबी नहीं पाई जाती है तो स्थगित राशि जमा करना पड़ सकती है।
मजबूरी...बिल कम नहीं, पार्ट पेमेंट करवाकर जमा कर रहे बिल
जोन कार्यालयों पर मौजूद लोगों ने बताया बिल की राशि कम करवाने के लिए कई दिनों से चक्कर लगा रहे थे। राशि कम नहीं हुई तो क्या करें। कोई सुनने वाला नहीं है। बिजली कंपनी के अधिकारी तर्क देकर बिल राशि कम करने से इनकार कर देते हैं। ऐसे में हम मजबूरी में पार्ट पेमेंट करवा रहे हैं, जिसमें कुछ राशि अभी तो बाकी राशि बाद में जमा करेंगे।
