अक्षत तिरवार की रिपोर्ट
उज्जैन : मेधावी छात्र संघर्ष समिति, उज्जैन के द्वारा आज 18 सितंबर को मुख्यमंत्री जी को सत्र 2018-19 के मेधावियों को भी लैपटॉप की प्रोत्साहन राशि देने की मांग को लेकर प्रत्यक्ष रूप से सौंपा गया ज्ञापन। जिसमें मांग कि गई की सत्र 2018-19 में राजनीतिक फेरबदल के चलते जिन विद्यार्थियों ने 75% से अधिक अंको से अपनी हायर सेकंडरी परीक्षा उत्तीर्ण की थी ऐसे 70 हजार छात्रों को प्रोत्साहन राशि से वंचित रख दिया गया था। उन्हें भी इस योजना का लाभ दिया जाए।
मेधावी छात्र संघर्ष समिति , उज्जैन के सदस्यों ने जानकारी देते हुए बताया कि पिछली सरकार के द्वारा सत्र 2018-19 में जो मेधावी छात्र थे उनको लैपटॉप प्रोत्साहन राशि दिए जाने की नीति को बंद कर दिया गया था और अभी वर्तमान सरकार द्वारा भी उस राशि को नहीं दिया जा रहा है। प्रोत्साहन राशि इसीलिए दी जाती है ताकि छात्रों के बीच पठन पाठन का बेहतर माहौल विकसित किया जा सके। किंतु विगत सरकार की छात्र विरोधी नीति व वर्तमान सरकार की छात्र विरोधी नियत के चलते आज कोरोना काल मे भी छात्र आंदोलन करने पर मजबूर हैं। सरकार के पास हैलीकॉप्टर खरीदने के लिए पैसा है, चुनाव प्रचार के लिए पैसा है लेकिन हमारे लिए पैसा नही है। जब से यह लैपटॉप प्रोत्साहन राशि की योजना शुरू हुई है तब से लेकर आज तक सिर्फ एक ही वर्ष के छात्रों को इस योजना से वंचित किया जा रहा है। खुद को छात्र हितैषी बताने वाली वर्तमान सरकार पिछले 2 महीनों से चल रहे इस आंदोलन पर कोई प्रतिक्रिया नही दे रही है। अब तक मध्यप्रदेश के कई तहसील और जिला स्तर पर तहसीलदार, कलेक्टर , मंत्री , विधायक, सांसद आदि को ज्ञापन दिए गए हैं, साथ ही ट्विटर पर भी कैंपेन किया गया था, 70000ट्वीट्स के साथ मध्यप्रदेश में पहले नंबर पर ट्रेंड की थी, 2018-19 के मेधावी को लैपटॉप प्रोत्साहन राशि देने की मांग । उसके बाद 5 सितंबर को राज्यस्तरीय ज्ञापन अभियान मनाया गया जिसमें फिर से एक ही दिन हर तहसील और जिला स्तर पर लगभग 40-50 जगहों पर मंत्री, विधायक, सांसद, कलेक्टर, व तहसीलदार को ज्ञापन दिया गया।
