अयोध्या : अयोध्या में आज इतिहास रचा गया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बुधवार को अयोध्या में राम मंदिर का भूमि पूजन किया है। इस मौके पर पीएम मोदी ने कहा कि आज पूरा भारत भावुक है सदियों का इंतजार आज समाप्त हो रहा है। करोड़ों लोगों को आज ये विश्वास ही नहीं हो रहा होगा कि वो अपने जीते - जी इस पावन दिन को देख पा रहे हैं। बरसों से टाट और टेंट के नीचे रह रहे हमारे रामलला के लिए अब एक भव्य मंदिर का निर्माण होगा। राम मंदिर के लिए चले आंदोलन में अर्पण भी था तर्पण भी था , संघर्ष भी था , संकल्प भी था। जिनके त्याग , बलिदान और संघर्ष से आज ये स्वप्न साकार हो रहा है। जिनकी तपस्या राममंदिर में नींव की तरह जुड़ी हुई है। मैं उन सब लोगों को आज नमन करता हूँ , उनका वंदन करता हूं।प्रधानमंत्री ने अपने संबोधन की शुरुवात जय सिया राम के जयकारे के उदघोष के साथ की।
श्रीराम का मंदिर हमारी संस्कृति का आधुनिक प्रतीक बनेगा । हमारी शाश्वत आस्था का प्रतीक बनेगा। हमारी राष्ट्रीय भावना का प्रतीक बनेगा और ये मंदिर करोड़ों - करोड़ लोगों की सामूहिक संकल्प शक्ति का भी प्रतीक बनेगा। पीएम मोदी ने कहा कि राम हर जगह हैं , भारत के दर्शन - आस्था - आदर्श - दिव्यता में राम ही हैं । भगवान बुद्ध - जैन धर्म भी राम से जुड़े हैं , तमिल में कंभ रामायण है , तेलुगु , कन्नड़ , कश्मीर समेत हर अलग - अलग हिस्से में राम को समझने के अलग - अलग रुप हैं।विश्व की सबसे अधिक मुस्लिम जनसंख्या इंडोनेशिया में है , वहां पर भी रामायण का पाठ होता है। पीएम ने बताया कि कंबोडिया , श्रीलंका , चीन , ईरान , नेपाल समेत दुनिया के कई देशों में राम का नाम लिया जाता है।
मंच पर ये रहे मौजूद
इस दौरान उनके साथ श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गापाल दास , उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल , मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत भी मौजूद रहे।
