अक्षत तिरवार की रिपोर्ट
उज्जैन: कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए ज्योति राव सिंधिया अपना खास दरबारी को दरकिनार कर दिया जबकि इनके यह खास दरबारी हमेशा इनके साथ ही रहते हैं और अब भाजपा में भी शामिल हो चुके हैं पिछले विधानसभा चुनाव में इनको टिकट भी सिंधिया ने दिलवाया था और कहा था कि राजेंद्र भारती चुनाव नहीं लड़ रहे हैं यह चुनाव वह लड़ रहे हैं लेकिन इसके बावजूद भी जनता ने इनकी मांग को सिरे से खारिज कर दिया और उज्जैन उत्तर से पारस जैन को विजय श्री का आशीर्वाद दिया। सोमवार को ज्योति राव सिंधिया महाकाल की शाही सवारी में भाग लेने के लिए आए हुए थे वह अपने दरबारी उमेश सेंगर और नरेंद्र कछवाए के घर भी गए इसके साथ ही पारस जैन से भी मुलाकात की लेकिन राजेंद्र भारती से उन्होंने दूरी बनाकर रखी यह शहर में चर्चा का विषय बना हुआ है कि आखिर क्या कारण रहा अपने खास दरबारी जो कि कई बार ज्योति राव सिंधिया के नहीं आने पर साईं सवारी की पालकी का पूजन इन्होंने प्रतिनिधि के दायित्व को निभाते हुए किया.
