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“प्रेरक कहानी" रक्षा बन्धन पर्व के ठीक पहले कोरोनावायरस से संक्रमित होकर पीटीएस में भर्ती हुई महिला, डॉक्टर ने निभाया भाई का फर्ज

महिला ने भी दिन-रात उनकी सेवा में लगे डॉक्टरों और कोरोना संक्रमण से उनके जीवन की रक्षा करने पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए रक्षा बन्धन पर पीटीएस के एक चिकित्सक को राखी बांधी।
अक्षत तिरवार की रिपोर्ट 
उज्जैन : बुधवार को मक्सी रोड स्थित पुलिस ट्रेनिंग स्कूल से एक महिला कोरोना संक्रमण से पूर्णत: स्वस्थ होकर अपने घर के लिये गई। अपने घर के लिये रवाना होने से पहले महिला ने पीटीएस में कोरोना के इलाज के दौरान अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे रक्षा बन्धन पर्व के ठीक पहले कोरोना संक्रमण होने के कारण पीटीएस में भर्ती कराई गई थी। रक्षा बन्धन के पर्व पर अपने परिवार से दूर रहने के कारण वे काफी उदास और व्यथित थीं। पीटीएस में इलाज के दौरान जब डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ने उन्हें निरन्तर दु:खी और परेशान देखा तो परिवार के सदस्य की तरह उनकी देखभाल की। चिकित्सकों द्वारा महिला से कहा गया कि वे सभी डॉक्टरों और मेडिकल स्टाफ को बिलकुल अपने परिवार के सदस्य जैसा ही समझें। महिला ने भी दिन-रात उनकी सेवा में लगे डॉक्टरों और कोरोना संक्रमण से उनके जीवन की रक्षा करने पर कृतज्ञता व्यक्त करते हुए रक्षा बन्धन पर पीटीएस के एक चिकित्सक को राखी बांधी। इस दौरान रक्षा बन्धन पर्व पर पीटीएस में मौजूद डॉक्टरों द्वारा भी खुशी के अवसर पर उन्हें उपहार दिया गया। उल्लेखनीय है कि पीटीएस में सेवारत डॉक्टर्स और मेडिकल स्टाफ वहां इलाज कर रहे सभी कोरोना संक्रमितों के प्रति काफी सहयोगात्मक रवैया रखते हुए मित्रवत व्यवहार कर रहे हैं, ताकि उन्हें अपने घर-परिवार की त्यौहार के दिनों में याद न आये। पीटीएस में सेवारत डॉक्टर्स के लिये भी अब उनका कर्त्तव्य स्थल ही उनका घर-परिवार बन चुका है तथा सभी त्यौहार पीटीएस में मिलजुल कर मनाये जा रहे हैं। पीटीएस में रक्षा बन्धन का त्यौहार भी इसी तरह मनाया गया। वहां भर्ती महिलाओं ने उनकी सेवा कर रहे डॉक्टरों को राखी बांधी और उनका आभार व्यक्त किया।

पूर्णत: स्वस्थ होकर जब महिला अपने घर के लिये जाने लगी तो उनकी आंखों में आंसू छलक आये। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में कोविड-19 संक्रमण से डॉक्टर्स हमारी रक्षा करते हुए रक्षा बन्धन का फर्ज निभा रहे हैं। महिला ने कहा कि इसके लिये वे जीवनभर सबकी आभारी रहेंगी। इस दौरान पीटीएस के नोडल डॉ.एएस तोमर ने ठीक होकर घर जा रही महिला को शुभकामनाएं दी। डॉ.तोमर ने उनसे कहा कि वे अगले 10 दिनों तक पूर्णत: क्वारेंटाईन रहें, भोजन में अधिक तला-गला भोजन का सेवन न करें, हरी सब्जियां, फल और आसानी से पचने वाला भोजन डाइट में शामिल करें।

डॉ.तोमर ने उनसे कहा कि यदि उन्हें दोबारा सर्दी, खांसी, बुखार जैसे लक्षण होते हैं तो तुरन्त बिना देर किये फीवर क्लिनिक में जाकर डॉक्टर को दिखायें। वे फोन के माध्यम से अपने परिजनों तथा पड़ौसियों को भी यह बतायें कि कोरोना संक्रमण से बचाव के लिये क्या-क्या सावधानियां बरतनी चाहिये। वे अपने परिवार में छोटे बच्चों और बुजुर्गों का विशेष ध्यान रखें। इन सावधानियों का जितना अधिक प्रचार-प्रसार होगा, उतनी ही आमजन में जागरूकता फैलेगी। इसके अलावा वे अपने मोबाइल पर सार्थक एप डाउनलोड करें।
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डॉ.तोमर ने महिला से कहा कि वे कोरोना जैसी बीमारी को हराकर अपने घर जा रही हैं। बस सभी लोगों से यही एक बात कहें कि कोरोना संक्रमण से डरने की बजाय सतर्कता बरतना ज्यादा जरूरी है। उन्हें सही समय पर इलाज मिल सका, इसीलिये वे आज पूर्णत: स्वस्थ होकर सकुशल अपने घर लौट सकी। इसीलिये कोरोना के लक्षण होने पर छुपाये नहीं, बल्कि तुरन्त डॉक्टर के पास जायें।

इस दौरान स्टाफ द्वारा तालियां बजाकर उनकी हौसला अफज़ाई की गई और शुभकामनाएं देकर उन्हें अपने घर के लिये रवाना किया गया। रवाना होने से पहले उन्हें डॉ.वसीम खान द्वारा प्रमाण-पत्र वितरित किया गया। 

इस दौरान डॉ.अनमोल जैन, डॉ.कपिल चौहान, डॉ.अरविंद भटनागर, डॉ.शुकदेव, डॉ.विजय कुमार पांचाल, डॉ.रोहित पराते, डॉ.महेन्द्र यादव, फार्मासिस्ट श्री अमित यादव, श्री ब्रजमोहन कौशल, स्टाफ नर्स प्रांजल गुप्ता, सुश्री चन्दा गरूड़ा, सुश्री सोनम दांगी, सुश्री पूजा सोलंकी, सुश्री गायत्री वाडिया, सुश्री कविता, सुश्री पुष्पा अग्रवाल, सुश्री टीना अहिरवार, सुश्री प्रियंका परमार, सुश्री अनीता टांक, श्री एम्बरोज जॉर्ज, वाहन चालक श्री महेश पांचाल, श्री दीपक मालवीय तथा सफाई कर्मचारी सर्वश्री अभय, भूराभाई, लाखन, राहुल, राजूबाई और लोकेश मौजूद थे।

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