अपने अधिकारिक ट्विटर हैंडल पर अखिलेश ने लिखा - कोरोना काल में परीक्षा कराने के विरोध में सड़कों पर उतरे सपा के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज नहीं खूनी हमला हुआ है। आज बाल - बच्चों वाला हर परिवार चिंतित है। सबका साथ का दावा करने वाले अकेले लोगों की मनमानी कब तक चलेगी।
कोरोनाकाल में परीक्षा कराने के विरोध में सड़कों पर उतरे सपा के कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज नहीं ‘ख़ूनी हमला’ हुआ है.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 31, 2020
आज बाल-बच्चोंवाला हर परिवार चिंतित है. सबका साथ का दावा करनेवाले अकेले लोगों की मनमानी कब तक चलेगी. #StudentLivesMatter#JEENEET@PTI_News@ANI@HSnewsLive pic.twitter.com/G6LPNpOiZK
अखिलेश ने इसके पहले सोमवार दोपहर एक अन्य ट्वीट में भी इस मुद्दे को लेकर सरकार पर हमला बोला था। अखिलेश ने लिखा था- जिस प्रकार देश भर के परीक्षार्थियों ने अपनी ' नापसंदगी दर्शा कर अपना रोष दर्ज किया है , उसने साफ़ कर दिया है कि चिंतित युवा और अभिभावक भी चाहते हैं कि सत्ताधारी अपना दंभ त्यागकर परिवारवालों की मांग सुनें।याद रहे पलटे हुए अंगूठे सत्ता भी पलट देते हैं।
जिस प्रकार देशभर के परीक्षार्थियों ने अपनी ‘नापसंदगी’ दर्शाकर अपना रोष दर्ज किया है, उसने साफ़ कर दिया है कि चिंतित युवा और अभिभावक भी चाहते हैं कि सत्ताधारी अपना दंभ त्यागकर परिवारवालों की माँग सुनें. याद रहे पलटे हुए अंगूठे सत्ता भी पलट देते हैं.
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 31, 2020
ये जनतंत्र है; मनतंत्र नहीं.
इसके पहले सुबह अपने ट्वीट में उन्होंने एक शेर के जरिए सरकार पर निशाना साधने की कोशिश की। अखिलेश यादव ने लिखा; ‘कभी - कभी यूं भी रखी जाती है, इंसाफ़ ' की आबरू ... हिफ़ाज़त में रख लिये जाएं, कुछ फैसलों के फ़ैसले।’
कभी-कभी यूं भी रखी जाती है ‘इंसाफ़’ की आबरू
— Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh) August 31, 2020
हिफ़ाज़त में रख लिये जाएं कुछ फ़ैसलों के फ़ैसले
गौरतलब है कि सोमवार को नीट और जेईई परीक्षा के विरोध में राजभवन जा रहे सपा कार्यकर्ताओं पर लाठीचार्ज किया गया। समाजवादी छात्र सभा पूर्व प्रदेश अध्यक्ष दिग्विजय सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं का दल राजभवन जा रहा था
