Type Here to Get Search Results !

देश की गिरती जीडीपी और बचाव में कृषि और किसानों का योगदान

वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में अब तक के रिकॉर्ड -23.9% की जीडीपी विकास दर में कमी आयी हैकोरोनाकाल मे चीन को छोड़कर जिसकी जीडीपी धनात्मक 3.2% रही के अलावा विश्व के लगभग सभी देश अर्थव्यवस्था की भयंकर गिरावट से त्रस्त हैं। कभी दुनिया मे राज करने वाले देश यूनाइटेड किंगडम की जीडीपी पिछली तिमाही में -22.1% की गिरी , यूनाइटेड नेशंस का शक्तिशाली राष्ट्र फ्रांस -19.9% की गिरावट दर्ज कर चुका है,इटली -17.1% जीडीपी ग्रोथ रेट में कमी झेल चुका है,जर्मनी -11.9% का गोता लगा चुका है।भारत भी इससे अछूता नही रहा है और वित्तीय वर्ष 2020-21 की पहली तिमाही में अब तक के रिकॉर्ड -23.9% की जीडीपी विकास दर में कमी आयी है !

कोरोना काल मे लॉक डाउन की वजह से लेबर सप्लाई में कमी के चलते इंडस्ट्रीज में -38.1% की कमी आयी,सर्विस में -20.6% की कमी,मैन्युफैक्चरिंग में -39.3% की कमी,होटल ज्यादातर बन्द रहे जिससे इसमें -47% की कमी आयी,माइनिंग में -23.3% की कमी आयी,कंस्ट्रक्शन में लगभग -50% की कमी दर्ज की गई । लेकिन इन सब के बीच जो सबसे राहत देने वाला कार्य हुआ वो देश के कृषि क्षेत्र में हुआ जिसमें 3.4% की वृद्धि दर्ज की गई ,इसका सीधा सीधा सा अर्थ ये है कि अगर कृषि क्षेत्र ने न सम्हाला होता तो भारत की जीडीपी में और भी अधिक गिरावट देखने को मिलती ।

अब आप -23.9% की कमी का सटीक अर्थ समझ लीजिए , -23.9% कमी के जो आंकड़े हम देख रहे हैं उसका मतलब ये है कि भारत मे वित्तीय वर्ष 2019-20 में पहली तिमाही( अप्रैल से जून के बीच) देश ने जितने गुड्स और सर्विस का उत्पादन किया था उसकी वैल्यू का 2020-21 वित्तीय वर्ष की पहली तिमाही(अप्रैल से जून के बीच) हमने 23.9% कम उत्पादन किया है ,जो अच्छा संकेत नही है।

हालांकि कोरोना के लॉक डाउन के बाद अनलॉक की प्रक्रिया में अब अब जैसे जैसे फैक्टरी और बाकी इकाइयां खुलती जाएंगी इन सबमे उछाल देखने को मिलेगा और अर्थव्यवस्था पुनः पटरी पर दौड़ती या रेंगती दिखेगी फिलहाल जीडीपी में आई कमी की भरपाई करना इतना भी आसान नही होगा ।

नोट- आंकड़े CNBC से लिये गए हैं।

अंकेश सिंह


Post a Comment

0 Comments
* Please Don't Spam Here. All the Comments are Reviewed by Admin.

Top Post Ad

Below Post Ad