Raksha Bandhan 2021: हिंदू धर्म में रक्षा बंधन के त्योहार का विशेष महत्त्व है। इस दिन बहन अपने भाई की कलाई में रक्षा का सूत्र बांधती है और भाई हमेशा बहन की रक्षा करने का वचन देता है। यूं कहा जाए कि भाई और बहन के असीम प्यार का ये त्योहार वास्तव में न सिर्फ बहन और भाई के लिए बल्कि सभी रिश्तों के लिए कुछ ख़ास है। रक्षा बंधन का त्योहार भारत के सभी प्रांतो में बड़ी ही धूम-धाम से मनाया जाता है। वैसे तो यह बहन-भाई के अटूट बंधन का दिवस है लेकिन अलग अलग प्रांतो में अलग तरीक़े से मनाया जाता है।
राखी बांधने का शुभ मुहूर्त कब से कब तक
: सुबह 07.42 बजे से 09.17 बजे तक (चर)
: सुबह 09.18 बजे से 10.52 बजे तक (लाभ)
: सुबह 10.53 बजे से दोप. 12.27 बजे तक (अमृत)
: दोपहर 02.02 बजे से 03.37 बजे तक (शुभ)
: शाम 06.47 बजे से रात्रि 08.12 बजे तक (शुभ)
: रात 08.13 बजे से 09.37 बजे तक (अमृत)
राखी बांधने की विधि Rakhi Bandhane Ki Vidhi
- रक्षाबंधन पूजा विधि करने के बाद अब भाई को पूर्व दिशा की तरफ मुख करके बिठाएं |
- ध्यान रखें राखी बांधते समय भाई के सिर पर एक रुमाल होना चाहिए।
- अब बहन अपने भाई के माथे पर टीका लगाएं और उस कुछ अक्षत लगाएं।
- कुछ अक्षत भाई के ऊपर आशीर्वाद के रूप में छींटें।
- फिर दीपक जलाकर भाई की आरती उतारें | ऐसा बहन अपने भाई की नजर उतारने के लिए करती हैं |
- इसके बाद बहन भाई की दायीं कलाई पर राखी बांधते हुए इस मंत्र को बोलें |
ॐ येन बद्धो बली राजा दानवेन्द्रो महाबलःतेन त्वामपि बध्नामि रक्षे मा चल मा चल
- अब भाई-बहन एक दूसरे का मुंह मीठा करें |
- अगर बहन बड़ी है तो भाई उसके चरण स्पर्श करे |
- बहन छोटी है तो वो भाई के पैर छुए और उनका आशीर्वाद प्राप्त करे |
- अंत में भाई बहन को कुछ न कुछ उपहार देने की परंपरा निभाते हैं |
