17 जून 1950 को अमेरिका के शिकागो में डॉक्टर रिचर्ड लॉलर की अगुवाई वाली डॉक्टरों की टीम ने 49 साल की एक मरीज रूथ टकर का किडनी प्रत्यारोपण किया। विश्वभर में किडनी प्रत्यारोपण का यह पहला मामला है जिसने किडनी के मरीजों में जिंदगी की नयी उम्मीद जगा दी। इस कामयाबी से पहले किडनी संबंधी समस्याओं के बाद मरीजों का जीवन बच पाना लगभग नामुमकिन समझा जाता था।
दरअसल, रूथ टकर नाम की महिला किडनी संबंधी बीमारी की वजह से अपनी बहन को दम तोड़ते देख चुकी थी। उसके लिए मुश्किलें तब शुरू हुईं जब कुछ साल बाद स्वयं रूथ की दोनों किडनियां खराब हो गयीं। चिकित्सकों ने उसकी किडनी ट्रांसप्लांट का निर्णय लिया। ट्रांसप्लांट के बाद इंफेक्शन रोकने वाली दवाइयों की उस समय तक खोज नहीं हुई थी। इसके बावजूद ऑपरेशन का जोखिम लिया गया और यह सफल भी रहा। हालांकि नौ महीने बाद उसकी किडनी फिर से लगभग खराब होने की हद तक पहुंच गयी, उससे पहले डॉक्टर उसकी दूसरी किडनी को ठीक करने में सफल रहे। इस ऑपरेशन के बाद रूथ पांच साल तक जीवित रहीं। उसकी मृत्यु किडनी संबंधी समस्या के कारण नहीं बल्कि दिल की बीमारी के कारण हुई।
इतिहास के पन्नों में 17 जून की महत्त्वपूर्ण घटनाएं
1756ः नवाब सिराजुद्दौला ने पचास हजार सैनिकों के साथ कलकत्ता पर आक्रमण किया।
1799ः नेपोलियन बोनापार्ट ने इटली को अपना साम्राज्य में शामिल किया।1855ः स्टेच्यू ऑफ लिबर्टी न्यूयॉर्क के बंदरगाह पहुंचा।
1917ः महात्मा गांधी ने साबरमती आश्रम में हृदय कुंज को अपना आवास बनाया।1938ः जापान ने चीन के खिलाफ युद्ध की घोषणा की।
1944ः जर्मनी ने द्वितीय विश्वयुद्ध में समर्पण किया।
2004ः मंगल पर पृथ्वी के चट्टानों से मिलते-जुलते पत्थर मिले।
2008ः देश में विकसित हल्के लड़ाकू विमान ‘तेजस’ का बंगलुरू में सफल परीक्षण।
