New Delhi : कृषि कानुन के विरोध मेें प्रदर्शन कर रहे किसानों का आज पांच वां दिन है। देश के किसानो ने सरकार पर दबाव बनाने के लिए राजधानी दिल्ली को चारों तरफ से घेरना शुरू कर दिया है। हरियाणा से सटे सिंधु व टिकरी बॉर्डर पर पंजाब व हरियाणा के किसान और यूपी गेट पर उत्तर प्रदेश के किसान भारी संख्या मेे डेरा डाल कर बैठ गए है। इसी के साथ की किसान संगठनो के नेता ने कहा है की हम दिल्ली को हर तरफ से घेरकर केंद्र सरकार को मांगे पूरा करने पर विवश कर देंगे। और जबतक सरकार उनकी मांगो को नहीं मानती हम तबतक प्रदर्शन करते रहेंगे।
रविवार को भारतीय किसान यूनियन क्रन्तिकारी पंजाब केअध्यक्ष सुरजीत सिंह फुल की अध्यक्षता में सोनीपत में 30 किसान संगठनों की बैठक में केंद्र सरकार के वार्ता के उस प्रस्ताव को खारिज कर दिया गया, जिसमें बुराड़ी में प्रदर्शन की बात कही गई थी।
केंद्र सरकार के तरफ से किसानों को बातचित करने का न्योता दिया जा रहा है। और कई केंद्रीय मंत्री कृषि कानूनो के खिलाफ सफाई दे रहे है। केंद्रीय कानून मंत्री रविशंकर प्रसाद ने सोमवार सुबह ट्वीट कर लिखा, ‘नए कृषि कानून APMC मंडियों को समाप्त नहीं करते हैं. मंडियां पहले की तरह ही चलती रहेंगी. नए कानून ने किसानों को अपनी फसल कहीं भी बेचने की आज़ादी दी है, जो भी किसानों को सबसे अच्छा दाम देगा वो फसल खरीद पाएगा चाहे वो मंडी में हो या मंडी के बाहर.’
उनके अलावा केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने भी ट्वीट किया. प्रकाश जावड़ेकर ने लिखा कि कृषि कानून पर गलतफहमी ना रखें. पंजाब के किसानों ने पिछले साल से ज्यादा धान मंडी में बेचा और ज़्यादा #MSP पर बेचा. MSP भी जीवित है और मंडी भी जीवित है और सरकारी खरीद भी हो रही है.
