बीजेपी और जदयू में सीटों को लेकर नही बनी बात
बीजेपी के सूत्रों के हवाले से खबर है की जदयू और बीजेपी में तल्खी लगातार बढ़ती जा रही है। कल दोनों दलों के बेच में बातचीत का दौर चल रहा था और इसके बाद अकेले चुनाव लड़ लेने तक कि बात हो गई थी, इसके भी बाद में बातचीत हुई लेकिन आपसी सहमति नही बन पाई।
सूत्रों की माने तो भारतीय जनता पार्टी लोकसभा चुनावों के तर्ज पर यहाँ भी सीटो के बंटवारे की बात कह रही थी। लोकसभा चुनाव में बीजेपी ने 2 सीटों वाली जदयू को अपने बराबर कुल 17 सीट दी थी। बीजेपी कह रही है कि विधानसभा चुनाव में भी उसी तर्ज पर बाँटवारा हो यानी बीजेपी और जदयू बराबर बराबर सीटो पर लड़े, उधर नीतीश कुमार हर हाल में बड़े भाई की भूमिका चाहते है। यानी उन्हें हर हाल में बीजेपी से ज्यादा सीटें चाहिए।
मामला के सीटों पर दावेदारी को लेकर भी उलझ गया है। असल मे, नीतीश कुमार ने बीजेपी के बहुत सारी सीटे जो कि बीजेपी की परंपरागत सीट है वहाँ अपना दावा ठोक दिया है। चुनाव से ठीक पहले 2015 के विधानसभा चुनावों में सीट जीते हुए विधायको के जदयू ने खुद में शामिल कर लिया है। अब बीजेपी का कहना है कि वो अपनी परम्परागत सीटों को किसी हालात में नही छोड़ेगी।
जदयू और बीजेपी में हुई इस बातचीत से ये तमाम विवाद नही सुलझ पाए है, लिहाज़ा दोनों के बीच बातचीत रूक गई है। बीजेपी ने बिहार के चुनाव प्रभारी देवेन्द्र फडणवीस और संगठन प्रभारी भूपेंद्र यादव को चुनावो के लियर सीट फाइनल करने के लिए बातचीत करने के लिए भेज था लेकिन बीच मे ही दोनों को वापस बुला लिया गया है।
