उज्जैन : मध्यप्रदेश शासन, संस्कृति विभाग की संस्था त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय, उज्जैन में शक्ति साधना के पावन अवसर पर “त्रिदिवसीय सिद्धा महोत्सव” का आयोजन दिनांक 21 से 23 अक्टूबर 2020 तक किया जा रहा है । भारतीय सनातन संस्कृति में नवरात्र महापर्व का अत्यधिक महत्व है । शक्ति साधना के विविध आयामों के अन्तर्गत गायन, संगीत तथा स्तुति आदि भाव प्रस्तुतियों के द्वारा भगवती दुर्गा की आराधना कलात्मक रुप से सम्पादित की जाती है ।
इसी को ध्यान में रखकर दिनांक 21 अक्टूबर को सायंकाल 6:30 बजे अतिथि कलाकारों द्वारा दीप प्रज्जवलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया । पहली प्रस्तुति में श्री सचिन पटवर्धन, इंदौर ने अपने गायन कौशल से राग पुडीया कल्याण (आलाप) में प्रस्तुति आरम्भ करते हुए झपताल की बंदिश एवं राग दुर्गा में मध्यलय तीन ताल और ध्रुत तीन ताल का प्रस्तुतिकरण सुधी श्रोताओं के मध्य किया । इनके साथ श्री सुमित मालवीय ने तबले पर संगत की । इसके पश्चात उज्जैन की गायिका श्रीमती स्वाति उखले ने अपने साथी कलाकारों के साथ गणेश वन्दना से प्रस्तुति आरम्भ की और “मालवी-लोकगीत” की पारम्परिक शैली में निबद्ध भजनों से भगवती दुर्गा की आराधना करते हुए अपनी प्रस्तुति को विराम दिया । इनके संगतकारों में कु. चित्रांशी उखले, कु. गायत्री पंवार, कु. सोहनी पंवार, श्री रमेश उसवार (हार्मोनियम), श्री गगन जोहरी (ढोलक), श्री सुदीप उखले (खंजरी) एवं श्री प्रेम कुमार सेन ने साथ दिया ।
कार्यक्रम के दूसरे दिन दिनांक 22 अक्टूबर को उज्जैन के कलाकार श्री हरीश पोद्दार एवं साथी कलाकारों द्वारा “महिषासुर मर्दिनी” नृत्य नाट्य का मंचन होगा । साथ ही श्री अभिषेक व्यास, उज्जैन के द्वारा “गिटार वादन” का प्रस्तुतिकरण किया जाएगा । कार्यक्रम के अंतिम दिन दिनांक 23 अक्टूबर को देवी आधारित “मालवी गीत”, श्रीमती विद्या राव, उज्जैन एवं साथी कलाकार प्रस्तुत करेंगे । इसके पश्चात भोपाल की गायिका श्रीमती संगीता गोस्वामी एवं साथीयों द्वारा “उपशास्त्रीय गायन” की प्रस्तुती होगी और अन्त में भोपाल की ही कलाकार सुश्री कल्याणी एवं वैदेही फगरे द्वारा देवी आधारित “ओड़िसी समूह नृत्य” प्रस्तुत किया जाएगा ।
त्रिवेणी कला एवं पुरातत्व संग्रहालय मे नवरात्रि के अवसर पर आयोजित हो रहे इस तीन दिवसीय सिद्धा महोत्सव की सभी गायन, वादन एवं नृत्य प्रस्तुतियाँ समस्त कलारसिकों के लिये पूर्णतः निःशुल्क रहेंगी । कोरोना संक्रमण के लिए जारी दिशा-निर्देशों का पालन आवश्यक होगा ।
