कारोना की छाया में मध्यप्रदेश गृहमंत्री डॉ.नरोत्तम मिश्रा जी
जब सारे कार्यक्रम इस महामारी की छाया में हो ही रहे हैं
इसमें डरने की क्या जरूरत है।
अगर आज हमारे गृह मंत्री जी को कुछ तकलीफ है इसकी वजह से मास्क नहीं लगाते कुछ काम जनता को कि कुछ ना कुछ तकलीफ होने की वजह से कहीं-कहीं पर मास्क जनता नहीं लगाती है। पहले बयान में कहा गया जितने भी कार्यक्रम होते हैं मैं उसमें मास्क नहीं लगाता और शाम तक बयान में पलटवार होता है कि मुझे बीमारी की वजह से मस्त नहीं लगाता हूं मैं गृह मंत्री एमपी।
फिर आम जनता का चलन किस बात का काटा जाता है। जनता सवाल पूछती है गृहमंत्री ही अगर नियमों का पालन नहीं करेंगे तो आम जनता क्यों पालन करें क्यों चालान दे। हमें और आपको इस बीमारी के साथ जीना है तो फिर क्यों हमारे साथ अन्याय किया जाता है आम जनता क्यों हमारे साथ चालानी कार्यवाही की जाती है क्यों हम चालानी कार्रवाई पर चालान भुगतान तुरंत करते हैं। जनता को भी कुछ ना कुछ तकलीफ होती है जिसकी वजह से मास्क थोड़ा समय के लिए अपने नाक के नीचे या चेहरे से हटा दिया जाता है।
क्यों चालान बनाते समय आम जनता की सुनी नहीं जाती कि उनको क्या तकलीफ है उनका भी चालान बनने से पहले तकलीफ का जायजा किया जाना चाहिए उनकी भी सुनाई सुनवाई होनी चाहिए।
आम जनता यही चाहती है नियम है सभी के लिए चाहे वह राजा हो या रंक को।
नियम का जो भी कोई उल्लंघन करें उस पर सख्त कार्रवाई की जाए। आम जनता
बयान पर पलटवार करने से अच्छा है खुद को सुधारा जाए इससे आम जनता भी सुधर जाएगी और सवाल भी नहीं खड़े करेगी।
