हाईकोर्ट ने मामले पर सुनवाई करते हुए कहा, ‘दिल्ली के निजामुद्दीन मरकज में आए देशी और विदेशी तब्लीगी जमातियों लोगों के खिलाफ प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया में बड़ा प्रॉपेगेंडा चलाया गया। देश में फैले कोरोना संक्रमण का जिम्मेदार इन जमातियों को बनाने की कोशिश की गई। तबलीगी जमात को बलि का बकरा बनाया गया।’
कोर्ट ने ये भी कहा कि देश में तेजी से फैल रहे संक्रमण के आंकड़े बताते हैं कि इन लोगों के खिलाफ एक्शन नहीं लिया जाना चाहिए था। विदेशियों के खिलाफ गलत एक्शन लिया गया। उसकी क्षतिपूर्ति के लिए पॉजिटिव कदम उठाए जाने की जरूरत है।
क्या है मामला
दरअसल दिल्ली के निजामुद्दीन के मरकज में इसी साल के मार्च महीने में तब्लीगी जमात के कार्यक्रम का आयोजन कराया गया था. लॉकडाउन के दौरान मौलाना साद ने विदेश से आए जमातियों और देश के जमातियों को मस्जिद में रखा था, जिसके बाद इनके जरिए देश में कोरोना वायरस के मामले बढ़ने का आरोप भी लगा था.
Source : Samachar Bharati
