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Fariabad Double Murder: फरीदाबाद में पति-पत्नी की गोली मारकर हत्या, घर में घुसकर दिया वारदात को अंजाम

Fariabad Double Murder: तिगांव थाना क्षेत्र के गांव जसाना में बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर युवा दंपती (सुखबीर और मोनिका) को बंधक बना गोली मारकर हत्या कर दी।अक्षत तिरवार की रिपोर्ट
फरीदाबाद
: Fariabad Double Murder: तिगांव थाना क्षेत्र के गांव जसाना में बदमाशों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर युवा दंपती (सुखबीर और मोनिका) को बंधक बना गोली मारकर हत्या कर दी। बदमाश नकदी व जेवरात लूटकर ले गए। बदमाशों ने घर के सीसीटीवी कैमरे तोड़ दिए और डीवीआर उखाड़कर ले गए। सामने वाले मकान के सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में बदमाश आते-जाते दिख रहे हैं। दो मोटरसाइकिलों पर आए चार नकाबपोश बदमाशों ने वारदात को अंजाम दिया।

बदमाश चौड़ी सर्जिकल टेप लेकर आए थे, जिससे दंपती के हाथ-पैर और मुंह बांध दिए थे। तिगांव थाना पुलिस ने मोनिका के पिता रामवीर की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ लूटपाट में हत्या व आर्म्स एक्ट की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज किया है। भाई ब्रह्मजीत ने बताया कि बहन मोनिका और सुखबीर की शादी सात साल पहले हुई थी। उनका अभी कोई बच्चा नहीं है। सुखबीर गांव फतेहपुर चंदीला निवासी हैं, यह भीड़-भाड़ वाला क्षेत्र है, इसलिए सुखबीर ने गांव जसाना में अपनी ससुराल के पास पांच सौ गज का प्लाट लेकर तीन मंजिला कोठी बनाई। दो साल से वे यहां रह रहे थे। सुखबीर बड़खल क्षेत्र में फैक्ट्री चलाते थे। मंगलवार को उनके पेट में दर्द था, इसलिए घर पर रुके थे। ब्रह्मजीत के मुताबिक मोनिका उनके पास से ही दूध लेती थी। मंगलवार को वह दूध लेने नहीं पहुंची तो देर शाम छोटा भाई मनीष उनके घर पहुंचा। अंदर दोनों के खून से लथपथ शव देखकर उसके होश उड़ गए। अंदर अलमारियां खुली थीं, सारा सामान बिखरा पड़ा था। जेवरात व नकदी गायब थी। पुलिस ने पोस्टमार्टम कराकर शव स्वजनों को सौंप दिया है। दोनों के सिर में एक-एक गोली निकली हैं। एसीपी धारणा यादव (पीआरओ पुलिस) का कहना है कि लूट के दौरान हत्या की धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। बदमाशों की तलाश के लिए क्राइम ब्रांच की सभी टीमें जुटी हैं।


हत्या में हो सकता है किसी करीबी का हाथ

गांव जसाना में दंपती की हत्या व लूट के मामले की जांच में जुटी टीमें ये मानकर चल रही हैं कि इसमें किसी जानकार का हाथ है। वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों में कोई एक या अधिक ऐसे हैं, जो पहले भी सुखबीर के घर आ चुके हैं। बदमाशों को ना केवल घर की बनावट की पूरी जानकारी थी, बल्कि भागने के रास्तों से भी बखूबी वाकिफ थे। जहां सुखबीर का घर है, वहां के लिए दो रास्ते हैं। दोनों में से कोई भी सीधा रास्ता नहीं है। इनमें एक रास्ता गांव से सुखबीर के मकान तक पहुंचता है, दूसरा खेतों से होकर। सीसीटीवी फुटेज में दिख रहा है कि बदमाश खेतों वाले रास्ते से दो मोटरसाइकिलों पर आए। मोटरसाइकिल उन्होंने घर से कुछ दूर खड़ी की। इसके बाद पैदल चलते हुए सीधे सुखबीर के मकान में घुसे। इससे साफ है कि वे सुखबीर के मकान को ही निशाना बनाने की तैयारी के साथ आए थे। जांच टीमों के मुताबिक, बदमाशों का दोपहर का वक्त चुनना भी इशारा करता है कि उन्हें मालूम था कि इस वक्त ज्यादा चहल-पहल नहीं होती और दंपती घर पर अकेले होंगे। वारदात को अंजाम देकर बदमाश खेतों वाले रास्ते से ही फरार हुए।


 
सुखबीर की घर पर मौजूद होने का था पता

जांच टीम को पता चला है कि आमतौर पर सुखबीर सुबह फैक्ट्री निकलते थे। इसके बाद शाम को लौटते थे। रविवार को उनकी छु्ट्टी होती थी। सामान्यत: वे दिन में घर पर कम ही मौजूद रहते थे। मंगलवार को उनके पेट में दर्द था। इससे फैक्ट्री नहीं गए। इस नजरिए से पुलिस मान रही है कि बदमाश सुखबीर की हत्या की योजना बनाकर आए थे। उन्हें मालूम था कि आज सुखबीर घर पर होंगे। हालांकि सुखबीर की मौजूदगी इत्तेफाक भी हो सकती है।

सर्जिकल टेप को भी अहम सुराग मान रही पुलिस 

बदमाशों ने सुखबीर और मोनिका के हाथ-पैर व मुंह बांधने के लिए चौड़ी सर्जिकल टेप का इस्तेमाल किया। ऐसे टेप अधिकतर डाक्टरों द्वारा पट्टी पर लगाया जाता है। इसके अलावा भवन निर्माण के रंग-रोगन जैसे कार्यों में भी ऐसे टेप का इस्तेमाल होता है। हमलावर यह टेप अपने साथ ही लाए थे। पुलिस ऐसे लोगों की भी सूची खंगाल रही है, जिन्होंने सुखबीर के मकान निर्माण में काम किया।


मेहनती थे मृतक सुखबीर और मोनिका

ग्रामीण अरुण फौजी ने बताया कि सुखबीर ने अपनी मेहनत व लगन के बूते काफी कम समय में अच्छी तरक्की की थी। गांव बड़खल में उनकी लिक्विड फिलिग मशीनें बनाने की फैक्ट्री है, जिसे वे खुद संभालते थे। बड़े भाई ओमबीर और पिता रिछपाल उनकी मदद करते थे। दो साल पहले ही उन्होंने गांव जसाना में 500 गज का प्लाट लेकर दो मंजिला मकान बनवाया था। इसमें सभी आधुनिक सुख-सुविधाएं मौजूद हैं। छत पर एक्सरसाइज के लिए ओपन जिम है। गांव का दामाद होने के कारण सभी ग्रामीण सुखबीर को पाहूना या रिश्तेदार कहकर संबोधित करते थे। सुखबीर भी सभी की बहुत इज्जत करते थे। करीब 15 दिन पहले ही सुखबीर ने ऑडी क्यू-3 कार खरीदी थी। इस कार की कीमत 35 से 40 लाख रुपये है। इसकी पार्टी भी उन्होंने अपने घर पर दी थी। इसमें उनके गांव फतेहपुर चंदीला से परिवर के सदस्य शामिल हुए थे। बड़े भाई ओमबीर ने बताया कि परिवार में काफी प्रेम है। ओमबीर और पिता रिछपाल सप्ताह में कम से कम एक बार सुखबीर और मोनिका का हाल-चाल लेने गांव जसाना जरूर जाते थे। फोन पर भी रोजाना उनसे बातचीत होती थी।

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