चाणक्य ने कहा था जो युद्ध की स्तिथि में अपने नेतृत्व की कमिया निकले , शत्रु का बखान करे वो राष्ट्रद्रोही होता है | और इस बात के हिसाब से इस समय देश की कुछ पार्टिया और करोडो लोग देश द्रोह का काम कर रहे है|
1962 युद्ध नेहरु की मूर्खताओ से भरा हुआ था , फिर भी विपक्ष के नेता अटल बिहारी वाजपेयी ने उस समय नेहरु के खिलाफ एक शब्द भी नहीं कहा और कह दिया आपको जो देश हित में उचित लगे करिए , हम आपके साथ है | यहाँ तक की १० हजार से ज्यदा जनसंघ आरएसएस के कार्यकर्त्ता उस समय सेना की सेवा करने भी गए | ये होती है देशभक्ति जो राजनीती से ऊपर होती है |
आज कांग्रेस बकवास करने में लगी है, वामपंथी पंचीशील की बात कर रहे है , इस झड़प का कारन भारत की अमेरिका से दोस्ती को बता रहे है |
तो कुछ लोग चीन के भाहिष्कार का मजाक कर रहे है , तो कुछ ndtv धुर्व राठी जैसे के झूठ को फैला रहे है , तो कुछ अपनी ही सेना की बात को नकार रहे है |
इस समय जो परिपक्वता सपा , बसपा , शिवेसना , बजद जैसी छोटी पार्टियों ने दिखाई है वह प्रशंसा के योग्य है |
हमारे देश की जनता एक दम अनुशाहन्हीन है , स्तान्लिनगराड में रूस की आम जनता ने जर्मन सेना को हरा दिया था , अगर यहाँ 5000 की दुश्मन फ़ौज भी आ गए तो हमारे ५ लाख मिल के भी नहीं हरा पाएंगे | कुछ चीन के साथ खड़े होंगे तो कुछ मोदी विरोध में दुश्मन के साथ होंगे |
हम अनुशासनहिन इसलिए है क्योकि हमने देखा ही नहीं है की युद्ध होता क्या | अंग्रेजो के बाद की सब लड़ाई सेना तक सीमित रही उसकी आंच आम जनता पर नहीं आई | युद्ध क्या होता है वो जापानी जानते है , रुसी जानते है , यूरोपी जानते है क्योकि वहा एसा कोई परिवार नहीं होगा जिसने कोई अपना युद्ध में खोया न हो | यहाँ हमें कोई फर्क नहीं पड़ता इसलिए हमारे खून में उबाल नहीं आता।
मीडिया के एक धडा सरकार के विरोध में रहता है जो हर खबर को नकारात्मक तरीके से पेश करता है , अगर आपकी देशभक्ति पार्टियों की सीमओं में बंधी है तो आप एसी ही खबरों को चुनेंगे |
ये समय एक स्वर में सरकार के साथ , सेना के साथ खड़े होने का है | कुछ और करने का नहीं, दुश्मन को हम एक राष्ट्र के रूप में दिखने चाहिए न के कांग्रेसी भाजपाई , वामपंथी के रुप मे।

जय �� ❤️विश्व गुरुदेव
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