कानपुर : सीओ समेत आठ पुलिसकर्मियों को मौत के घाट उतारने वाला कानपुर के विक्रम गांव के गैंगस्टर के एनकाउंटर में मौत हो गई।उज्जैन से कानपुर ले जा रही थी।
यूपी एसटीएफ की टीम, लेकिन शहर से 17 किलोमीटर पहले बर्रा थाना क्षेत्र में सुबह 6:30 बजे काफिले की एक कार पलट गई ।विकास उसे गाड़ी में बैठा था।
कार पलटने के बाद उसने पुलिस टीम से पिस्टल छीन कर फायरिंग करना शुरू कर दिया। पुलिस के साथ मुठभेड़ में वह बहुत बुरी तरह से जख्मी हो गया। उसे सीने और कमर में 2 गोली लगी थी। उसके बाद उसे हैलट अस्पताल ले जाया गया ,जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया।
- कानपुर आईजी रेंज ने विकास के मारे जाने की पुष्टि की। विकास को गुरुवार को उज्जैन के महाकाल मंदिर से गिरफ्तार किया गया था। एसटीएफ की टीम हादसे को लेकर कोई भी बातचीत नहीं कर रही है। माना जा रहा है कि तेज बारिश की वजह से कार पलट गई थी।एनकाउंटर में दो पुलिसकर्मियों के घायल होने की खबर आ रही है, लेकिन अभी तक इस बात की पुष्टि नहीं की गई है।
- 8 जुलाई को एसटीएफ ने विकास के साथी अमर दुबे को मार गिराया प्रभात मिश्रा समेत 10 बदमाशों को गिरफ्तार किया। 9 जुलाई को प्रभात मिश्रा और बबुआ दुबे एनकाउंटर में मारे गए विकास दुबे को उज्जैन से गिरफ्तार किया गया था। 10 जुलाई को कानपुर के पास एनकाउंटर में विकास दुबे की भी मौत हो गई।


